Thursday, September 27, 2007

ये फ़साना है सोनी हकीक़त नहीं...

आपको हमसे मिलने की फु़रसत नहीं
ये अदावत है साहिब मुहब्बत नहीं

यूं बहाने बनाने से क्या फ़ायदा
साफ़ कह दीजिए हम से उल्फ़त नहीं

मेरे अश्कों से रोशन मेरी रात है
चांद तारों की मुझको ज़रूरत नहीं

दिल जलाते हैं हम रोशनी के लिए
इन चरागों की हमको ज़रूरत नहीं

प्यार के खेल में हार ही हार है
ये फ़साना है सोनी हकीक़त नहीं

25 comments:

श्रद्धा जैन said...

wah kya baat hai aapne to aate hi rang bikher diye

bahut sunder
sawagat hai aapka yaha

शोभित जैन said...

wah wah...kya khoob aagaz hai

श्यामल सुमन said...

भावना आपकी पढ़ के अच्छा लगा।
और अधिक बोलने की हिमाकत नहीं।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com

ई-गुरु राजीव said...

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !


ब्लॉग्स पण्डित - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

E-Guru Rajeev said...

आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ 'ब्लॉग्स पण्डित' पर.
यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

प्रकाश बादल said...

डॉ. साहिबा,

आपका स्वागत है। आशा है आपकी रचनाएं भविष्य में मिलती रहेंगी। आपकी ग़ज़ल अच्ची लगी।

dr. ashok priyaranjan said...

सोनी जी,
बहुत उम्दा गजल कही है आपने । भाव और िवचार के समन्वय से रचना बडी प्रभावशाली हो गई है । कथ्य और िशल्प की दृिष्ट से भी गजल बेहतर है । मैने अपने ब्लाग पर एक लेख िलखा है - आत्मिवश्वास से जीतें िजंदगी की जंग-समय हो तो पढें और कमेंट भी दें-

http://www.ashokvichar.blogspot.com

jayaka said...

मेरे अश्कों से रोशन मेरी रात है
चांद तारों की मुझको ज़रूरत नहीं

एक अति सुंदर रचना से रुबरु कराया है आपने....

Abhishek said...

यूं बहाने बनाने से क्या फ़ायदा
साफ़ कह दीजिए हम से उल्फ़त नहीं
Khub likha hai aapne. Swagat blog parivar aur mere blog par bhi.

Deepak Sharma said...

महज़ अल्फाज़ से खिलवाड़ नही हैं कविता

कोई पेशा , कोई व्यवसाय नहीं है कविता ॥


कभी भी कविता विषय की मोहताज़ नहीं

नयन नीर है कविता, राग -साज़ भी नहीं ।

कभी कविता किसी अल्हड योवन का नाज़ है

कभी दुःख से भरी ह्रदय की आवाज है
कभी धड़कन तो कभी लहू की रवानी है

कभी रोटी की , कभी भूख की कहानी है ।


महज़ अल्फाज़ से खिलवाड़ नहीं है कविता,

कोई पेशा , कोई व्यवसाय नहीं है कविता ॥


मुफलिस ज़िस्म का उघडा बदन है कभी

बेकफान लाश पर चदता हुआ कफ़न है कभी ।

बेबस इन्स्सन का भीगा हुआ नयन है कभी,

सर्दीली रत में ठिठुरता हुआ तन है कभी ।

कविता बहती हुई आंखों में चिपका पीप है,

कविता दूर नहीं कहीं, इंसान के समीप हैं ।

महज़ अल्फाज़ से खिलवाड़ नहीं है कविता,

कोई पेशा, कोई व्यवसाय नहीं है कविता ॥


KAVI DEEPAK SHARMA

http://www.kavideepaksharma.co.in

http://www.Shayardeepaksharma.blogspot.com

sanjaygrover said...

इधर से गुज़रा था सोचा सलाम करता चलूंऽऽऽऽऽऽऽ
(और बधाई भी देता चलूं...)

रचना गौड़ ’भारती’ said...

नववर्ष् की शुभकामनाएं
दिल जलाते हैं हम रोशनी के लिए
इन चरागों की हमको ज़रूरत नहीं
Wonderful
कलम से जोड्कर भाव अपने
ये कौनसा समंदर बनाया है
बूंद-बूंद की अभिव्यक्ति ने
सुंदर रचना संसार बनाया है
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

अक्षय-मन said...

मेरे अश्कों से रोशन मेरी रात है
चांद तारों की मुझको ज़रूरत नहीं

बहुत ही अच्छा लिखा है.......
अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आकर और ये खुशी भी हुई की आप भी इंदौर से हैं....
मेरे ब्लॉग पर भी आइयेगा
http://akshaya-mann-vijay.blogspot.com/


अक्षय-मन

अक्षय-मन said...

आपने अश्को को रोशनी कहा और मैंने दवा........

इतना प्यार ना दे कि हर दर्द अश्को के जैसे पी जाउं
सुना है गुजरे वक्त से दर्द कि दवा भी अश्को में छिपी मिलती है

"अक्षय" को इतना प्यार ना दे कि समय से पहले बिछड़ जाए
सुना है खुदा से कि प्यार पाने वालों को धड़कने कम मिलती हैं :)



अक्षय-मन

Anonymous said...

DR.Sahiba ilaz karna kaam hai aapka,lekin aapne to apna mareez (mureed)bana liya.

bakayee bahut hi behtareengajal hai aapki.

----------------------"VISHAL"

VisH said...

wahho achha likha hai...firstly first nav varsh ki nayi nayi shubhkamnayen.....

Jai Ho Magalmay HO.....mere blog par swagat hai...

Mehta Computech said...

You are Best...

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

आनंदकृष्ण said...

आपका ब्लॉग देखा, बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है कि आपके शब्द नयी ऊर्जा, नए अर्थ और गहन संप्रेषण के वाहक बन कर जन-सरोकारों का सार्थक व समर्थ चित्रण करें ........
कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर पधारने का कष्ट करें-
http:www.hindi-nikash.blogspot.com

शुभकामनाओं के साथ
आनंदकृष्ण, जबलपुर

Anonymous said...

रसात्मक और सुंदर अभिव्यक्ति

Anita Soni - Kaviyatri, Shayara said...

श्रद्धाजी सादर प्रणाम.
आपके प्रोत्साहन के लिये आपकी आभारी हूं
स्नेह बनाये रखियेगा.
बहुत बहुत धन्यवाद.
अनीता सोनी

Rudresh Mishra said...

Best Performance in 'Waah Waah kya Baat Hai' on Sab Tv

Zakir Khan said...

Mind blowing Gazal from beginning to its end from Matla to Maqta. Nice meter and selection of vocabulary. you have left nothing for the critics. appreciation of people is a proof of your popularity your name, fame and creation. saying something on you is lighting a candle against dazzling sun

Farq aankhoN meiN nahi faraq hai beenaei meiN
Aib-beeN aib hunar maNd hunar dekhte haiN

Congratulation for this great and grand creation

diepou said...
This comment has been removed by the author.
diepou said...

An enthusiastic, authentic, ardent, disciple ,devotee, fan, follower, admirer, well-wisher and would be friend for life. who till date was giving hidden compliments till date to one of his favourite poetess & greatest kavyitari. God Bless with Bliss, Peace & glow of satisfaction bestowed up on you along with Good Luck.
Depak Kumar